पत्रकारों को लैपटाप दिए जाने कि असम सरकार की घोषणा पर बबाल
पत्रकारों को लैपटाप दिए जाने कि असम सरकार की घोषणा पर बबाल असम के मुख्थमंत्री तरूण गोगोई द्वारा विधानसभा चुनाव से ऐन पहले पत्रकारों को लेपटाप दिए जाने की घोषणा को लेकर राजनीतिक बवाल शुरू हो गथा है।पहले तो पत्रकारों के बीच इसको लेकर घमासान मची थी अब भारतीय जनता पार्टो लैपटाप बाटने की घोषणा को चुनावी मुनाफे से जो.ड दिया है। असम रंदेश भाजपा के प्रभारी विजय गोयल ने कहा है कि चुनाव से पहले पत्रकारों को लालीपाप दिखाने का मतलब चुनावी मुनाफे से जुडा हुआ है। गोयल ने मुख्यमंत्री से पूछा है कि लैपटाप देने की घोषणा ऐन चुनाव के पहले क्यों की गई। भाजपा नेता ने सवाल किया है कि यदि राज्य सरकार पत्रकारों के प्रति इतनी हमदर्द है तो पत्रकारों की भलाई के लिए गठित मणिसेना आयोग की सिफारिशों को अब तक क्यों नहों लागू किया गया । गोयल ने थह भी कहा है कि सरकार ने वरिष्ट पत्रकारों को ही लैपटाप देने की बात कही है, जबिक होना यह चाहिए की जो लोग नए हैं उन्हें दिया जाए। कारण कि नए लोगों में से ज्यादातर पत्रकार लैपटाप खरीदने में सक्षम नहों होते हैं। बताते चलें कि मुख्थ मंत्री तरूण गोगोई समथ-समथ पर पत्रकारों को लुभाने के लिए इस तरह की घोषणा करते रहते हैं। पिछले वर्षो में पत्रकारों को जमीन और मकान तक दिए जाने की घोषणा की जा चुकी है।
शुक्रवार, 18 फ़रवरी 2011
सोमवार, 14 फ़रवरी 2011
फर्जी कंपनियां बना कर पनबिजली परियोजना की राशि लूट रहें हैं नेता
फर्जी कंपनियां बना कर पनबिजली परियोजना की राशि लूट रहें हैं नेता
गुवाहाटी,१४ फरवरी। अरुणाचल में चल रही पनबिजली परियोजना में करीब
चार लाख करोड रुपए की हेराफेरी होने का आरोप लगाते हुए भारतीय
जनता पार्टी ने कहा है कि इससे दूसरा २ जी एस्पेक्ट्रम बनने नहीं दिया
जाएगा। पार्टी ने कहा है कि या तो हेराफेरी करने वालों को पकडा
जाएगा या फिर परियोजना बंद करवा दी जाएगी।
आज यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय सचिव
किरीट सोमैया ने कहा कि अरुणाचल की पनबिजली परियोजना कांग्रेस
पार्टी के लिए लूट का एक खजाना बन गया है। दिल्ली और अरुणाचल से
लेकर असम के मंत्री परियोजना के नाम पर देश का खजाना लूट रहें हैं।
क्योंकि ज्यादातर कार्य फर्जी कंपनियां बना कर मंत्रियों के परिजनों को
दिया गया है।
उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत बहुत सारी अनियमितताएं हैं लेकिन
जिस प्रकार बेनामी और फर्जी कंपनियों को ठेका दिया गया, वही साबित
कर देता है कि सरकार में बैठे लोग पूरे धन को लूट रहें हैं।
उन्होंने बताया कि जिन कंपनियों को ठेका दिया गया है उसमें से खासकर
अरुणाचल प्रदेश मेगा पावर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लि. अरुणाचल के मुख्यमंत्री
दोरजी खांडू की पत्नी के नाम पर है जबकि मीना इंट्रेड एंड
इंजीनियरिंग प्राइवेट लि. कांग्रेस के एक विधायक का है। इन दोनों
कंपनी के पास किसी प्रकार का अनुभव नहीं है और न ही कोई ढांचागत
व वित्तीय सुविधाएं। उन्होंने बताया कि अरुणाचल प्रदेश मेंगा पावर प्रोजेक्ट्स
लि. का गठन १९ जून २००९ को किया गया था और मात्र दो महीने के बाद
यानि १० अगस्त २००९ को चार सौ करोड रुपए का कार्य सौंप दिया गया।
उन्होंने बताया कि इसी प्रकार असम की पटकाई इंजीनियरिंग प्राइवेट लि.
और टफ इनर्जी प्राइवेट लि. को गठन करने के क्रमशः एक और तीन
महीने के बाद ही करोडों का काम सौंप दिया गया।महाराष्ट्र से संबंध रखने वाले किरीट सोमैया ने बताया कि सबसे सबसे
संदेहास्पद कार्य पटेल टूर्स एंड ट्रेवेल्स प्राइवेट लि. नामक मुंबई
एक छोटी सी ट्रेवल कंपनी को दो परियोजनाओं का कार्य सौंपा
जाना है। क्योंकि मात्र एक लाख रुपए की पूंजी वाली इस कंपनी के पास
ऊर्जा या ढांचागत निर्माण से जुडे किसी भी कार्य का अनुभव नहीं था।
उन्होंने बताया कि इस कंपनी का कार्यालय मुंबई के अंधरी में मात्र दो
सौ वर्गमीटर में है और इस ट्रेवल कंपनी को बिजली परियोजना का
कार्य दिया जाना अपने आप में साबित करता है कि किसानों और स्थानीय
निवासियों के अहित में बनने वाली इस परियोजना में लूट मची हुई है।
भाजपा नेता ने बताया कि योजना के तहत आने वाले परिवहन खर्च को पांच
किलोमीटर की दूरी को ३५ किलोमीटर बताया जा रहा हैऔर सीएजी
की रिपोर्ट में इसका खुलासा हो जाएगा। नीरजझा/१४ जनवरी/२०११
गुवाहाटी,१४ फरवरी। अरुणाचल में चल रही पनबिजली परियोजना में करीब
चार लाख करोड रुपए की हेराफेरी होने का आरोप लगाते हुए भारतीय
जनता पार्टी ने कहा है कि इससे दूसरा २ जी एस्पेक्ट्रम बनने नहीं दिया
जाएगा। पार्टी ने कहा है कि या तो हेराफेरी करने वालों को पकडा
जाएगा या फिर परियोजना बंद करवा दी जाएगी।
आज यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय सचिव
किरीट सोमैया ने कहा कि अरुणाचल की पनबिजली परियोजना कांग्रेस
पार्टी के लिए लूट का एक खजाना बन गया है। दिल्ली और अरुणाचल से
लेकर असम के मंत्री परियोजना के नाम पर देश का खजाना लूट रहें हैं।
क्योंकि ज्यादातर कार्य फर्जी कंपनियां बना कर मंत्रियों के परिजनों को
दिया गया है।
उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत बहुत सारी अनियमितताएं हैं लेकिन
जिस प्रकार बेनामी और फर्जी कंपनियों को ठेका दिया गया, वही साबित
कर देता है कि सरकार में बैठे लोग पूरे धन को लूट रहें हैं।
उन्होंने बताया कि जिन कंपनियों को ठेका दिया गया है उसमें से खासकर
अरुणाचल प्रदेश मेगा पावर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लि. अरुणाचल के मुख्यमंत्री
दोरजी खांडू की पत्नी के नाम पर है जबकि मीना इंट्रेड एंड
इंजीनियरिंग प्राइवेट लि. कांग्रेस के एक विधायक का है। इन दोनों
कंपनी के पास किसी प्रकार का अनुभव नहीं है और न ही कोई ढांचागत
व वित्तीय सुविधाएं। उन्होंने बताया कि अरुणाचल प्रदेश मेंगा पावर प्रोजेक्ट्स
लि. का गठन १९ जून २००९ को किया गया था और मात्र दो महीने के बाद
यानि १० अगस्त २००९ को चार सौ करोड रुपए का कार्य सौंप दिया गया।
उन्होंने बताया कि इसी प्रकार असम की पटकाई इंजीनियरिंग प्राइवेट लि.
और टफ इनर्जी प्राइवेट लि. को गठन करने के क्रमशः एक और तीन
महीने के बाद ही करोडों का काम सौंप दिया गया।महाराष्ट्र से संबंध रखने वाले किरीट सोमैया ने बताया कि सबसे सबसे
संदेहास्पद कार्य पटेल टूर्स एंड ट्रेवेल्स प्राइवेट लि. नामक मुंबई
एक छोटी सी ट्रेवल कंपनी को दो परियोजनाओं का कार्य सौंपा
जाना है। क्योंकि मात्र एक लाख रुपए की पूंजी वाली इस कंपनी के पास
ऊर्जा या ढांचागत निर्माण से जुडे किसी भी कार्य का अनुभव नहीं था।
उन्होंने बताया कि इस कंपनी का कार्यालय मुंबई के अंधरी में मात्र दो
सौ वर्गमीटर में है और इस ट्रेवल कंपनी को बिजली परियोजना का
कार्य दिया जाना अपने आप में साबित करता है कि किसानों और स्थानीय
निवासियों के अहित में बनने वाली इस परियोजना में लूट मची हुई है।
भाजपा नेता ने बताया कि योजना के तहत आने वाले परिवहन खर्च को पांच
किलोमीटर की दूरी को ३५ किलोमीटर बताया जा रहा हैऔर सीएजी
की रिपोर्ट में इसका खुलासा हो जाएगा। नीरजझा/१४ जनवरी/२०११
पूर्वोत्तर के घोटालों से गूंजेगा संसद का बजट सत्र
गुवाहाटी, (ईएमएस)। इस बार संसद का बजट सत्र असम और पूर्वोत्तर के
घोटालों से गुंज उठेगा। भारतीय जनता पार्टी ने असम से राज्यसभा सदस्य
मनमोहन सिंह की सरकार को असम सहित पूर्वोत्तर के राज्यों में हुए
घोटालों को लेकर को घेरने की रणनीति तैयार की है।
पार्टी के सचिव किरीट सोमेैया ने बताया कि उनकी पार्टी चाहेगी कि
सरकार पूर्वोत्तर के राज्यों में हुए घोटालों पर बहस करे। उन्होंने कहा
कि अरुणाचल की पनबिजली परियोजना से लेकर असम के एनसी हिल्स और
पीडीएस सहित कोई ५० परियोजनाओं की चार लाख ६३ हजार करोड रुपए
यहां के पांच राज्यों की सरकारों ने बंदरबांट किया है।
पूर्वोत्तर के राज्यों में चल रही केन्द्रीय योजनाओं में हो रहे घोटालों
की विस्तृत रिपोर्ट संवाददाताओं के सामने रखते हुए भाजपा नेता ने कहा
कि संसद में नेता प्रतिपक्ष तथा राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने उन्हें
भरोसा दिलाया है कि वे बजट सत्र में इस रिपोर्ट को संसद के सामने रख
कर इस मुद्दे पर बहस कराने की मांग सरकार से करेगें।
इससे पहले भाजपा सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह असम से राज्यसभा
में पहुंचे हैं और इस नाते उनका ज्यादा दायित्व बनता है कि वे प्रदेश की
जनता के विकास के लिए आई राशि को लूटने वालों का पर्दाफाश करने
के लिए विशेष जांच करवाएं। उन्होंने सर्चोच्चय न्यायालय से मांग की है
कि वे स्वतः संज्ञान लेते हुए पूर्वोत्तर के राज्यों में हुए घोटालों की
जांच के लिए एक विशेष कोर्ट का गठन करे।इससे पहले भाजपा सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह असम से राज्यसभा
में पहुंचे हैं और इस नाते उनका ज्यादा दायित्व बनता है कि वे प्रदेश की
जनता के विकास के लिए आई राशि को लूटने वालों का पर्दाफाश करने
के लिए विशेष जांच करवाएं। उन्होंने सर्चोच्चय न्यायालय से मांग की है
कि वे स्वतः संज्ञान लेते हुए पूर्वोत्तर के राज्यों में हुए घोटालों की
जांच के लिए एक विशेष कोर्ट का गठन करे।
भाजपा सचिव ने प्रदेश में पीडीएस तथा मनरेगा का सारा धन कांग्रेसी नेताओं
के हाथों में जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पीडीएस का आनाज
उठाने एफसीआई के गोदामों में से उठाने का ठेका कांग्रेस के
नेताओं के परिजनों के नाम पर है और पीडीएस का सारा आनाज गरीबों
के घर न जा कर बाजारों में पहुंच रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री से पूछा है कि एनसी हिल्स के घोटाले में फंसे आरएच
खान के घर की दिवारों से रुपए निकलने के बावजूद उस घटना की जांच
क्यों नहीं की जा रही है और इस घोटाले में फंसे सात नेताओं पर
कार्रवाई क्यों नहीं कि गई। सोमैया ने कहा कि प्रधानमंत्री और यूपीए
अध्यक्ष भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने की बात करते हैं तो सबसे पहले उन्हें यहां
होने जा रहे विधानसभा चुनाव में उन सातो मंत्रियों को टिकट देने से
रोकना चाहिए। पूर्वोत्तर के घोटालों से
भाजपा नेता ने पूर्वोत्तर के घोटालों को लेकर सुप्रिम कोर्ट का
दरवाजा शीघ्र खटखटाने की बात कहते हुए कहा कि इससे पहले पूरी
रिपोर्ट राष्ट्रपति और अन्य विभिन्न एजेंसियों को सोंपी जाएगी।
मालूम हो कि भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने पूर्वोत्तर के राज्यों में चल
रही योजनाओं की रिपोर्ट तैयार करने के लिए एक तीन सदस्यीय समिति
का गटन किया था। जिसमें किरीट सोमैया के साथ पार्टी की उपाध्यक्ष तथा
गुवाहाटी की सांसद के साथ अरुणाचल के पूर्व सांसद तापिर गाव शामिल थे।
नीरजझा/ १४ फरवरी/२०११
गुवाहाटी, (ईएमएस)। इस बार संसद का बजट सत्र असम और पूर्वोत्तर के
घोटालों से गुंज उठेगा। भारतीय जनता पार्टी ने असम से राज्यसभा सदस्य
मनमोहन सिंह की सरकार को असम सहित पूर्वोत्तर के राज्यों में हुए
घोटालों को लेकर को घेरने की रणनीति तैयार की है।
पार्टी के सचिव किरीट सोमेैया ने बताया कि उनकी पार्टी चाहेगी कि
सरकार पूर्वोत्तर के राज्यों में हुए घोटालों पर बहस करे। उन्होंने कहा
कि अरुणाचल की पनबिजली परियोजना से लेकर असम के एनसी हिल्स और
पीडीएस सहित कोई ५० परियोजनाओं की चार लाख ६३ हजार करोड रुपए
यहां के पांच राज्यों की सरकारों ने बंदरबांट किया है।
पूर्वोत्तर के राज्यों में चल रही केन्द्रीय योजनाओं में हो रहे घोटालों
की विस्तृत रिपोर्ट संवाददाताओं के सामने रखते हुए भाजपा नेता ने कहा
कि संसद में नेता प्रतिपक्ष तथा राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने उन्हें
भरोसा दिलाया है कि वे बजट सत्र में इस रिपोर्ट को संसद के सामने रख
कर इस मुद्दे पर बहस कराने की मांग सरकार से करेगें।
इससे पहले भाजपा सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह असम से राज्यसभा
में पहुंचे हैं और इस नाते उनका ज्यादा दायित्व बनता है कि वे प्रदेश की
जनता के विकास के लिए आई राशि को लूटने वालों का पर्दाफाश करने
के लिए विशेष जांच करवाएं। उन्होंने सर्चोच्चय न्यायालय से मांग की है
कि वे स्वतः संज्ञान लेते हुए पूर्वोत्तर के राज्यों में हुए घोटालों की
जांच के लिए एक विशेष कोर्ट का गठन करे।इससे पहले भाजपा सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह असम से राज्यसभा
में पहुंचे हैं और इस नाते उनका ज्यादा दायित्व बनता है कि वे प्रदेश की
जनता के विकास के लिए आई राशि को लूटने वालों का पर्दाफाश करने
के लिए विशेष जांच करवाएं। उन्होंने सर्चोच्चय न्यायालय से मांग की है
कि वे स्वतः संज्ञान लेते हुए पूर्वोत्तर के राज्यों में हुए घोटालों की
जांच के लिए एक विशेष कोर्ट का गठन करे।
भाजपा सचिव ने प्रदेश में पीडीएस तथा मनरेगा का सारा धन कांग्रेसी नेताओं
के हाथों में जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पीडीएस का आनाज
उठाने एफसीआई के गोदामों में से उठाने का ठेका कांग्रेस के
नेताओं के परिजनों के नाम पर है और पीडीएस का सारा आनाज गरीबों
के घर न जा कर बाजारों में पहुंच रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री से पूछा है कि एनसी हिल्स के घोटाले में फंसे आरएच
खान के घर की दिवारों से रुपए निकलने के बावजूद उस घटना की जांच
क्यों नहीं की जा रही है और इस घोटाले में फंसे सात नेताओं पर
कार्रवाई क्यों नहीं कि गई। सोमैया ने कहा कि प्रधानमंत्री और यूपीए
अध्यक्ष भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने की बात करते हैं तो सबसे पहले उन्हें यहां
होने जा रहे विधानसभा चुनाव में उन सातो मंत्रियों को टिकट देने से
रोकना चाहिए। पूर्वोत्तर के घोटालों से
भाजपा नेता ने पूर्वोत्तर के घोटालों को लेकर सुप्रिम कोर्ट का
दरवाजा शीघ्र खटखटाने की बात कहते हुए कहा कि इससे पहले पूरी
रिपोर्ट राष्ट्रपति और अन्य विभिन्न एजेंसियों को सोंपी जाएगी।
मालूम हो कि भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने पूर्वोत्तर के राज्यों में चल
रही योजनाओं की रिपोर्ट तैयार करने के लिए एक तीन सदस्यीय समिति
का गटन किया था। जिसमें किरीट सोमैया के साथ पार्टी की उपाध्यक्ष तथा
गुवाहाटी की सांसद के साथ अरुणाचल के पूर्व सांसद तापिर गाव शामिल थे।
नीरजझा/ १४ फरवरी/२०११
शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2010
बिहार के इस चुनाव में जनता सरकार की नहीं अपने भाग्य का फैसला करेंगे
बिहार के इस चुनाव में मतदाता अपने भाग्य का फैसला करेंगे। चुनाव नतीजे बताएँगे की वहां के लोगो को भूख, गरीबी ,बेरोजगारी और तिरस्कार की जिन्दगी जीना है या फिर उसमे बदलाव लाना है। इमानदारी से देखा जाये तो पिछले पाच में वहां की फिजा बदलने लगी थी । लेकिन जाती के मक़ारजाल में फंसे लोगों को अपनी जाती से बढ़ कर आगे कहाँ कुछ दीखता है । कोई सरकार रोड बना दे, बिजली की व्यबस्था कर दे ,स्कूल खोल दे कानून व्यबस्था ठीक कर दे , कौन देखता है । सबको अपनी जाती चाहिए । मैंने अपने घर कल फ़ोन लगाया पता चला पिताजी इस बार कांग्रेस को बोट देंगे .क्योंकि नितीश जी सिर्फ छोटी जाती के लोगों को देखते हैं .लेकिन वे भूल गए की दुसरे नेता की तरह नितीश ब्राहमणों को गली नहीं देते । नितीश के कारन बिहार से बहार रहने वाले लोगों का मन बाधा है। थानेदार लोगो की शिकायत सुनाने लगा है। गाँव में बिजली आ गई है। पहली बार गाँव की सड़कें पकी बन गई। अब उनका बेटा या सम्बन्धी बाहर से गाँव आते समय रिक्शा से गिरता नहीं है। गाँव की सरके पर बहते पानी में कोई इंजिनियर डूबता नहीं है। प्रसव के दौरान और साप काटने पर होने वाली मौत की संख्या कम हो गई , क्योंकि पक्की सड़क के सहारे जल्द से जल्द लोग अस्पताल पहुँच जाते हैं । वे कहते हैं कांग्रेस ही ठीक है। आखिर क्यों इसलिए की जगनाथ मिश्र ने घटिया राजनीती कर ब्राहमणों को बदनाम किया। और फिर लालू जैसे एक कट्टर वादी को जिसने जातियों को लारने का काम किया। बिहार को जंगल राज बना दिया उससे मदद किया। १५ सालों में बिहारने जो दर्द सहा है वह कांग्रेस की दें है। बिहार में अगली सरकार नितीश की बने या न बने लेकिन यह तय है की जब इतिहास लिखा जायेगा तो नितीश सरकार को गिराने वाले लोग जो जाति और समुदाय के निहित स्वार्थ में नितीश के विरोध में वोट दे रहें हैं उनका नाम काले अक्षरों में लिखा जायेगा। और फिर नयी पीढ़ी कभी माफ नहीं करेगी।
गुरुवार, 15 जुलाई 2010
सुचना के अधिकार कानून की शक्ति
किसान नेता अखिल गोगोई ने सुचना के अधिकार कानून का उपयोग कर यह साबित कर दिया है कि इसे हथियार बना कर इन नकाब पोश नेताओ जिसे रंगा सियार कहना ठीक रहता है । इनकी करतूतों को उजागर किया जा सकता है.
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